कलात्मक संगम

भारतीय विद्या भवन विद्याश्रम प्रताप नगर भारतीय कला व संस्कृति का संरक्षक व संवर्धक रहा है। भारतीय विद्या भवन जयपुर केन्द्र की सलाहकार समिति की सदस्या श्रीमती आशा गोलेछा जी पुरातन धरोहर के संरक्षणार्थ कला, नृत्य, संगीत से ज़ुड़े अनेक अनछुए पहलुओं को जीवन्त करने हेतु सार्थक प्रयास में जुटी हैं । इसी कड़ी में उनकी उपस्थिति में इंफोसिस संस्था के तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें दिनांक 28 सितम्बर 2022 को विद्यार्थियों को दशहरा पर्व के उपलक्ष्य में रावण के पुतले बनाने की कला सिखाई गई जिसमें विद्यार्थियों ने बाँस के माध्यम से रावण का पुतला बना उसे कलात्मकता से सुसज्जित कर बुराई के प्रतीक के नाश का प्रण लिया।

दिनांक 29 सितम्बर 2022 को राजस्थानी कला व संस्कृति को जन-जन तक पहुँचाने हेतु कालबेलिया नृत्य में पारंगत विश्व विख्यात पद्मश्री गुलाबो के समूह ने विद्यालय प्रांगण में राजस्थानी नृत्यों की प्रस्तुतियाँ दी। समूह द्वारा पारंपरिक पोशाकों में राजस्थान के प्रमुख नृत्यों का प्रदर्शन किया गया जिसे देख कर विद्यार्थी राजस्थानी लोकनृत्य व लोकगीतों के प्रति अत्यधिक प्रभावित हुए। गुलाबो की पुत्री व उनके सहयोगियों द्वारा सपेरा जनजाति का कालबेलिया नृत्य प्रस्तुत किया गया जिसमें अंगों की लचक तथा करतबों ने दर्शकों को अभिभूत कर दिया। अंत मे प्राचार्या श्रीमती अजयश्री शर्मा द्वारा कलाकारों को सम्मानित किया तथा इस कला के प्रचार-प्रसार हेतु विद्यार्थियों के समक्ष प्रस्तुति हेतु धन्यवाद ज्ञापित किया।

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